'अब तक कोई भी यह सिद्ध नहीं कर पाया है कि आध्यात्मिक शक्तियाँ अस्तित्व में नहीं हैं। अतः यह सिद्ध होता है कि आध्यात्मिक शक्तियाँ अस्तित्व में हैं।' उपर्युक्त तर्क में दोष पहचानिए।
Aअज्ञान की दुहाई (appeal to ignorance) ✓ Correct
Bजल्दबाज सामान्यीकरण
Cफिसलन ढाल
Dद्व्यर्थकता (equivocation)
Correct answer: (A) अज्ञान की दुहाई (appeal to ignorance)
Explanation
दोष अज्ञान की दुहाई (appeal to ignorance) है।
दिया गया एकमात्र आधार यह है कि कोई भी आध्यात्मिक शक्तियों को खंडित नहीं कर पाया।
किसी दावे को खंडित न कर पाने को इस बात का प्रमाण मान लिया जाता है कि वह सत्य है।
किसी बात के विरुद्ध साक्ष्य का अभाव उसके पक्ष में साक्ष्य नहीं है।
किसी दावे की सत्यता सकारात्मक समर्थन पर टिकनी चाहिए, मात्र अखंडित स्थिति पर नहीं।
'खंडित नहीं' को 'सिद्ध' मान लेना ही अज्ञान-मूलक तर्क (argumentum ad ignorantiam) है।
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