हम निर्माण करके निर्माता बनते हैं और न्यायपूर्ण कार्य करके न्यायी बनते हैं। इस कथन के आलोक में क्या दावा नहीं किया जा सकता?
Aमनुष्य एक सद्गुणी प्राणी है
Bसद्गुण कौशल के समान हैं
Cकौशल संबंधित गतिविधि करके अर्जित होते हैं
Dसद्गुण एक यांत्रिक और अनैतिक कौशल है ✓ Correct
Correct answer: (D) सद्गुण एक यांत्रिक और अनैतिक कौशल है
Explanation
जो दावा नहीं किया जा सकता वह यह है कि सद्गुण एक यांत्रिक और अनैतिक कौशल है।
न्यायपूर्ण कार्य करके न्यायी बनने का कथन सद्गुण को अभ्यास द्वारा अर्जित, कौशल के समान मानता है।
अतः सद्गुण कौशल जैसे हैं, और उन्हें गढ़ने वाला मनुष्य सद्गुणी प्राणी है।
कौशल भी संबंधित गतिविधि को बार-बार करके ही वास्तव में अर्जित होता है।
परंतु कथन सद्गुण को अभ्यास से निर्मित नैतिक उत्कृष्टता बनाता है, कभी भी विवेकहीन यांत्रिक वस्तु नहीं।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →