जब किसी विपरीत निष्कर्ष के समर्थन में समान या अधिक बल के प्रति-तर्क प्रस्तुत किए जाते हैं, तो उसे कहते हैं
Aविचलन का दोष
Bविरोध का दोष
Cप्रतिसंतुलित का दोष (counterbalanced) ✓ Correct
Dखंडन का दोष
Correct answer: (C) प्रतिसंतुलित का दोष (counterbalanced)
Explanation
यहाँ वर्णित स्थिति वह है जहाँ समान बल के विरोधी हेतु आमने-सामने खड़े होते हैं।
किसी निष्कर्ष के विरुद्ध समान या अधिक बल के प्रति-तर्क विपरीत पक्ष का समर्थन करते हैं।
कोई भी पक्ष प्रबल नहीं हो पाता क्योंकि प्रत्येक दूसरे से संतुलित हो जाता है।
इस प्रकार हेतु समान भार वाले विरोधी हेतु से निष्प्रभावी हो जाता है।
यह संतुलित गतिरोध प्रतिसंतुलित का दोष (satpratipaksa) है।
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