निम्नलिखित में से कौन-सी सामाजिक विज्ञानों में प्रायोगिक विधियों की एक वैध आलोचना है?
Aसामाजिक स्थिति में संचालित करना असंभव
Bप्रयोगशाला दशाओं की कृत्रिमता ✓ Correct
Cसामाजिक विज्ञानों में अच्छे प्रयोगों की अनुपलब्धता
Dसामाजिक शोध समस्याओं का प्रयोगात्मक अध्ययन नहीं किया जा सकता
Correct answer: (B) प्रयोगशाला दशाओं की कृत्रिमता
Explanation
सामाजिक विज्ञान में प्रयोगों की एक वैध आलोचना प्रयोगशाला दशाओं की कृत्रिमता है।
नियंत्रित प्रयोगशाला परिवेश वास्तविक सामाजिक जीवन से भिन्न होता है, जिससे बाह्य वैधता घटती है।
यह असत्य है कि सामाजिक स्थिति में प्रयोग असंभव हैं; क्षेत्रीय प्रयोग होते हैं।
अच्छे सामाजिक-विज्ञान प्रयोग वस्तुतः उपलब्ध हैं, अतः अनुपलब्धता दोष नहीं।
सामाजिक समस्याओं का प्रयोगात्मक अध्ययन संभव है, अतः वह व्यापक दावा गलत है।
यहाँ अदला-बदली उच्च आंतरिक वैधता पर सीमित सामान्यीकरण की है।
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