निम्नलिखित में कौन-सा तर्क दोष विद्यमान है: 'ईश्वर का अस्तित्व है क्योंकि ऐसा धर्मग्रंथों में लिखा हुआ है। चूँकि धर्मग्रंथ ईश्वर की वाणी है, इसलिए उनमें जो कुछ लिखा है वह सत्य है?'
Aअविचारित सामान्यीकरण
Bआत्माश्रय दोष ✓ Correct
Cभ्रामक संकेत
Dफिसलनयुक्त ढलान
Correct answer: (B) आत्माश्रय दोष
Explanation
यह तर्क धर्मग्रंथ से ईश्वर का अस्तित्व सिद्ध करता है, फिर धर्मग्रंथ को ईश्वर की वाणी कहकर उसकी सत्यता की गारंटी देता है।
प्रत्येक दावा दूसरे पर टिका है, अतः तर्क एक बंद चक्र में घूमता है।
निष्कर्ष की सत्यता को चुपचाप आधार-वाक्यों में मान लिया जाता है।
जो तर्क सिद्ध करने योग्य बात को ही पहले से मान ले वह इस दोष का शिकार होता है।
यह आत्माश्रय (begging the question) या चक्रक तर्क है।
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