निम्नलिखित कथन में कौन सा तर्कदोष है? "किसी ने कभी सिद्ध नहीं किया कि निर्वाचित अधिकारियों का अनैतिक आचरण सार्वजनिक नैतिकता को क्षीण करता है। अतः हमें यह निष्कर्ष निकालना चाहिए कि ऐसा आचरण सार्वजनिक नैतिकता को क्षीण नहीं करता।"
Aबल की दुहाई (appeal to force)
Bदया की दुहाई (appeal to pity)
Cअज्ञान की दुहाई (appeal to ignorance) ✓ Correct
Dजनता की दुहाई (appeal to the people)
Correct answer: (C) अज्ञान की दुहाई (appeal to ignorance)
Explanation
तर्क किसी दावे को केवल इसलिए असत्य ठहराता है क्योंकि वह कभी सत्य सिद्ध नहीं हुआ, जो अज्ञान की दुहाई है।
आधार-वाक्य केवल इतना कहता है कि किसी ने नहीं दिखाया कि अनैतिक आचरण सार्वजनिक नैतिकता को क्षीण करता है।
किसी कथन को स्थापित न कर पाना उसके विपरीत को स्थापित करने के समान नहीं है।
प्रमाण का अभाव विषय को खुला छोड़ता है, निषेध में तय नहीं करता।
यहाँ अनुपस्थित प्रमाण को गलत रूप से निषेध का सकारात्मक आधार मान लिया गया है।
जो ज्ञात नहीं उससे निष्कर्ष निकालना ही अर्ग्युमेंटम ऐड इग्नोरैंशियम है।
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