इस तर्क में कौन-सी औपचारिक भ्रांति की गई है: 'सभी खिलाड़ी क्रीड़ाकर्मी हैं। कोई अभिनेता खिलाड़ी नहीं है। अतः कोई अभिनेता क्रीड़ाकर्मी नहीं है'?
Aमहत्तर पद के अवैध प्रक्रम की भ्रांति ✓ Correct
Bलघु पद के अवैध प्रक्रम की भ्रांति
Cअपवर्जी आधार-वाक्यों की भ्रांति
Dअस्तित्ववादी भ्रांति
Correct answer: (A) महत्तर पद के अवैध प्रक्रम की भ्रांति
Explanation
महत्तर पद क्रीड़ाकर्मी निष्कर्ष में वितरित है पर अपने आधार-वाक्य में नहीं, यह अवैध महत्तर पद है।
निषेधात्मक निष्कर्ष कोई अभिनेता क्रीड़ाकर्मी नहीं में विधेय क्रीड़ाकर्मी वितरित है।
आधार-वाक्य सभी खिलाड़ी क्रीड़ाकर्मी हैं में वही पद A कथन का अवितरित विधेय है।
निष्कर्ष में वितरित पद को आधार-वाक्यों में भी वितरित होना चाहिए।
आधार-वाक्य से निष्कर्ष तक इसका अवैध विस्तार महत्तर पद के अवैध प्रक्रम की भ्रांति है।
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