निम्नलिखित तर्क में कौन-सी अनौपचारिक भ्रांति की गई है: वैज्ञानिक सदियों से ज्योतिष के दावों को गलत सिद्ध करने का प्रयास करते रहे हैं और उनमें से कोई कभी सफल नहीं हुआ; अतः हमें यह निष्कर्ष निकालना चाहिए कि ज्योतिष के दावे सत्य हैं?
Aफिसलन ढाल (slippery slope)
Bजल्दबाज़ी में सामान्यीकरण
Cअज्ञान की दुहाई (argumentum ad ignorantiam) ✓ Correct
Dमिथ्या कारण (false cause)
Correct answer: (C) अज्ञान की दुहाई (argumentum ad ignorantiam)
Explanation
ज्योतिष के दावों को केवल इसलिए सत्य मानना कि कोई उन्हें गलत सिद्ध न कर सका, अज्ञान की दुहाई है।
अज्ञान की दुहाई (argumentum ad ignorantiam) किसी कथन को उसके विरुद्ध प्रमाण के अभाव से सत्य निष्कर्षित करती है।
किसी दावे को खंडित करने में विफलता उसकी सत्यता का सकारात्मक प्रमाण नहीं है।
सफल खंडन का अभाव दावे को अप्रमाणित छोड़ता है, स्थापित नहीं करता।
यह प्रमाण-भार को प्रति-प्रमाण के अभाव पर डाल देती है।
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