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निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?

1.न्यायवाक्यीय तर्कण स्वभाव से निगमनात्मक है
2.आगमन में उदाहरणों का समीक्षात्मक विश्लेषण होता है
3.आगमनात्मक ज्ञान प्रायः नवाचारी होता है
4.आगमन और निगमन प्रक्रिया की दृष्टि से सदैव एक-समान होते हैं
A1, 2 और 3 ✓ Correct
B2, 3 और 4
C1, 3 और 4
D2 और 3
Correct answer: (A) 1, 2 और 3
Explanation

न्यायवाक्यीय तर्कण निगमनात्मक है, आगमन उदाहरणों का समीक्षात्मक विश्लेषण करता है, और आगमनात्मक ज्ञान प्रायः नवाचारी होता है (कथन 1, 2 और 3)।

न्यायवाक्य अपने आधारवाक्यों से अनिवार्य निष्कर्ष निकालता है, अतः स्वभाव से निगमनात्मक है।

आगमन सामान्यीकरण से पहले प्रेक्षित उदाहरणों की सावधानी से जाँच करता है।

चूँकि इसका निष्कर्ष आधारवाक्यों से आगे जाता है, आगमनात्मक ज्ञान कुछ नया जोड़ता है।

आगमन और निगमन प्रक्रिया में भिन्न हैं, अतः उनके सदैव एक-समान होने का दावा असत्य है।

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