निम्नलिखित में से कौन सा भारतीय विचार तंत्र मानता है कि अनुमान (anumana) में सार्वभौमिक संबंध निर्धारित नहीं किया जा सकता क्योंकि अनदेखे मामलों के बारे में सदैव संदेह की गुंजाइश रहती है?
Aबौद्ध (Buddhists)
Bनैयायिक (Naiyayikas)
Cमीमांसा (Mimamsa)
Dलोकायत (Lokayata) ✓ Correct
Correct answer: (D) लोकायत (Lokayata)
Explanation
भौतिकवादी लोकायत (चार्वाक) संप्रदाय मानता है कि अनुमान हेतु सार्वभौमिक संबंध निश्चित नहीं किया जा सकता।
अनुमान व्याप्ति पर टिका है, जो हेतु तथा अनुमेय के बीच अविनाभाव संबंध है।
ऐसा संबंध सभी मामलों में लागू होना चाहिए, उन मामलों में भी जो कभी देखे नहीं गए।
चार्वाक तर्क देते हैं कि अनदेखे मामलों में सदैव संदेह की गुंजाइश रहती है।
चूँकि सार्वभौमिक की गारंटी नहीं दी जा सकती, वे अनुमान को वैध प्रमाण मानने से इनकार करते हैं।
व्याप्ति के विषय में यह संशयवाद ही लोकायत दृष्टिकोण की पहचान है।
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