निम्नलिखित में से किन्हें एक शोधकर्ता के गुण कहा जाना चाहिए?
1.व्यक्ति में चिंतन और तर्क करने की क्षमता होनी चाहिए
2.व्यक्ति में जिज्ञासा, सक्रिय कल्पना और अंतर्ज्ञान के गुण हों
3.सामाजिक अनुसंधान हेतु शोधकर्ता आगमनात्मक चिंतक हो
4.तर्कपूर्ण तर्क को क्रमबद्ध चरणों में प्रस्तुत करना, अर्थात् अनुशासित तर्कण
5.शोधकर्ता में नए सिद्धांत और नियम गढ़ने की मनोवृत्ति हो
A1, 2 और 3
B2, 3 और 4
C1, 2, 3, 4 और 5 ✓ Correct
D1, 2, 3 और 4
Correct answer: (C) 1, 2, 3, 4 और 5
Explanation
एक शोधकर्ता के गुणों में चिंतन व तर्क क्षमता, जिज्ञासा के साथ सक्रिय कल्पना व अंतर्ज्ञान, सामाजिक अनुसंधान हेतु आगमनात्मक चिंतन, क्रमबद्ध चरणों में अनुशासित तर्कण व नए सिद्धांत व नियम गढ़ने की मनोवृत्ति आते हैं, अतः सभी पांच सही हैं।
चिंतन व तर्क क्षमता शोधकर्ता को समस्याओं का सुदृढ़ विश्लेषण करने देती है।
जिज्ञासा, कल्पना व अंतर्ज्ञान नए प्रश्नों की खोज को प्रेरित करते हैं।
अनुशासित, क्रमबद्ध तर्कण तर्कों को कठोर व रक्षणीय बनाए रखता है।
आगमनात्मक चिंतन सामाजिक अनुसंधान में प्रेक्षणों से व्यापक प्रतिमानों की ओर बढ़ने में सहायक होता है।
नए सिद्धांत व नियम गढ़ने की ललक क्षेत्र को आगे बढ़ाती है।
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