McqkartGet appPractise

निम्नलिखित में से कौन सा कथन उद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन (purposive sampling) के आशय को दर्शाने में विफल रहता है?

Aउद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन गुणात्मक अनुसंधान में मामलों तथा व्यक्तियों के चयन का मूल सिद्धांत नहीं है ✓ Correct
Bउद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन अन्वेषक के शोध प्रश्नों को प्रतिचयन संबंधी विचारों में सर्वोपरि रखता है
Cसैद्धांतिक संतृप्ति (theoretical saturation) प्रतिदर्श आकार संबंधी निर्णय हेतु एक उपयोगी सिद्धांत है
Dगुणात्मक अनुसंधान में स्वीकार्य न्यूनतम प्रतिदर्श आकार पर काफी मतभेद है
Correct answer: (A) उद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन गुणात्मक अनुसंधान में मामलों तथा व्यक्तियों के चयन का मूल सिद्धांत नहीं है
Explanation

यह कहना कि उद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन (purposive sampling) गुणात्मक अनुसंधान में मामलों के चयन का मूल सिद्धांत नहीं है, इसके आशय को गलत बताता है।

उद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन वस्तुतः गुणात्मक कार्य में सूचना-समृद्ध मामलों को चुनने का मूल आधार है।

शोध प्रश्नों को प्रतिचयन निर्णयों में सर्वोपरि रखना इसके आशय को सही पकड़ता है।

सैद्धांतिक संतृप्ति (theoretical saturation) को प्रतिदर्श आकार का मार्गदर्शक मानना उद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन का वैध सिद्धांत है।

गुणात्मक कार्य में स्वीकार्य न्यूनतम प्रतिदर्श आकार पर वास्तविक मतभेद बताना एक सटीक टिप्पणी है।

उद्देश्यपूर्ण प्रतिचयन जानबूझकर शोध प्रश्न से सर्वाधिक प्रासंगिक मामलों को लक्ष्य करता है, यादृच्छिक मामलों को नहीं।

Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.

Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →