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न्याय दर्शन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा कथन सत्य है?

Aलिंग या हेतु, अनुमान का करण या क्रियात्मक कारण नहीं है ✓ Correct
Bहेतु वर्तमान की वस्तु हो सकता है परंतु भूत या भविष्य की नहीं
Cहेतु भूत या भविष्य होने पर भी अनुमान में कार्य कर सकता है
Dहेतु, व्याप्ति अर्थात उसके तथा साध्य के बीच सार्वभौमिक संबंध के ज्ञान के बिना ही निष्कर्ष तक ले जा सकता है
Correct answer: (A) लिंग या हेतु, अनुमान का करण या क्रियात्मक कारण नहीं है
Explanation

न्याय में हेतु (लिंग) स्वयं में अनुमान का करण (क्रियात्मक कारण) नहीं है।

अनुमान तभी उत्पन्न होता है जब हेतु को साध्य से व्याप्त रूप में जाना जाए।

व्याप्त हेतु का यह विमर्शात्मक ज्ञान लिंग-परामर्श कहलाता है।

यही परामर्श, न कि नग्न लिंग, तत्काल निष्कर्ष प्रदान करता है।

अतः हेतु केवल उस विमर्श के माध्यम से कार्य करता है जो व्याप्ति को धारण करता है।

इस प्रकार लिंग साधन-विषय है, जबकि परामर्श वास्तविक करण है।

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