Paper 1 · Comprehension
UGC NET 2018 Political Science
Passage
हम एक ऐसे संसार में रहते हैं जो समाजों के जीवन में पूर्ण भागीदारी की अधिक सार्वभौमिक आकांक्षाओं से विशेषित है। इससे भी अधिक, प्रत्येक समाज में अपनी बुद्धि, प्रतिभा तथा ऊर्जा के भंडार का पूरा लाभ उठाने की निरंतर बढ़ती आवश्यकता है। यहाँ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया गया है। स्पष्टतः, गुणवत्ता का कोई भी आकलन एक मूल्य-निर्णय से जुड़ा होता है जो इस बात से रंगा होता है कि व्यक्ति शिक्षा से क्या अपेक्षा करता है। एक अच्छी गुणवत्ता वाली शिक्षा को तीन अनिवार्य कसौटियाँ पूरी करनी चाहिए: यह लोकतांत्रिक हो; यह सामाजिक रूप से प्रभावी हो; तथा यह एक ऐसे मानवतावाद से प्रेरित हो जो इसे केवल उत्पादकता की कसौटी के अधीन न होने दे। इसके लिए उस अत्यधिक विवादास्पद प्रवृत्ति का आलोचनात्मक मूल्यांकन आवश्यक है जो मन को विस्तृत करने वाले विषयों, चिंतन के विषयों, कलात्मक अभिव्यक्ति या दार्शनिक उपागम के बजाय तथाकथित व्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता देती है। शिक्षा तथा कार्य के बीच का संबंध एक अन्य विषय था जो बार बार उठाया गया। शिक्षा तथा रोजगार के बीच की व्यापक विसंगतियों को लेकर गंभीर चिंता है। यूनेस्को लंबे समय से नियोजन के क्षेत्र में अपनी कार्रवाई के अंग के रूप में शिक्षा, कार्य तथा रोजगार के बीच की अंतःक्रियाओं का अध्ययन करता रहा है। यह कहना होगा कि आधुनिक अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती विविधता तथा उनमें होने वाले अत्यंत तीव्र परिवर्तनों को देखते हुए, शिक्षा को रोजगार पूर्वानुमानों के अनुरूप कठोरता से नियोजित करना बहुत कठिन है। यह दिखाया गया है कि शिक्षा की संरचनाओं तथा कार्यप्रणाली में अधिक लचीलापन इस खतरे के विरुद्ध सर्वोत्तम गारंटी प्रदान करता है कि वह तीव्र परिवर्तन के प्रति कुसमायोजित होगी।
मानवतावाद की विशेषता क्या होनी चाहिए?
Aव्यावहारिक ज्ञान को प्राथमिकता
Bदार्शनिक उपागम का विरोध
Cउत्पादकता धारणा के अधीन न होना ✓ Correct
Dरोजगार हेतु शिक्षा का नियोजन
Answer: C
Explanation. गद्यांश के अनुसार शिक्षा ऐसे मानवतावाद से प्रेरित हो जो इसे केवल उत्पादकता की कसौटी के अधीन न होने दे। अतः विकल्प C।
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