न्याय दर्शन के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा तर्क इसलिए दोषपूर्ण है क्योंकि यह सोपाधिक व्याप्ति पर आधारित है?
Aशब्द नित्य है क्योंकि वह श्रवणीय है।
Bअग्नि शीतल है क्योंकि वह द्रव्य है।
Cसभी वस्तुएं अनित्य हैं क्योंकि वे ज्ञेय हैं।
Dजहाँ कहीं अग्नि है, वहाँ धुआं है। ✓ Correct
Correct answer: (D) जहाँ कहीं अग्नि है, वहाँ धुआं है।
Explanation
'जहाँ अग्नि है वहाँ धुआं है' यह सहवर्तिता केवल एक शर्त, अर्थात गीले ईंधन की उपस्थिति, के अधीन ही टिकती है।
सूखी दहकती अग्नि, जैसे तप्त लोहे का गोला, धुआं-रहित होती है, अतः सार्वत्रिक संबंध टूट जाता है।
जो सहवर्तिता ऐसी अतिरिक्त शर्त पर निर्भर हो वह सोपाधिक व्याप्ति है।
इस दोषपूर्ण व्याप्ति पर टिका अनुमान न्याय के लिए दोषपूर्ण होता है।
अतिरिक्त शर्त, अर्थात उपाधि, ही अनिवार्य संबंध को बिगाड़ती है।
अतः सोपाधिक व्याप्ति वाला तर्क 'जहाँ अग्नि है वहाँ धुआं है' है।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →