ग्राही के स्तर पर संदेशों का कोई भी अध्ययन कहलाता है:
ग्राही के स्तर पर संदेशों का कोई भी अध्ययन श्रोता विश्लेषण (audience analysis) कहलाता है, अर्थात यह जाँचना कि सामग्री कौन प्राप्त करता है और उसे किस प्रकार ग्रहण करता है।
संचारक विश्लेषण संदेश के स्रोत या प्रेषक को देखता है, जो ग्राही के विपरीत छोर पर स्थित है।
संदेश विश्लेषण स्वयं सामग्री का, उसके शब्दों, प्रतीकों और संरचना का अध्ययन करता है, न कि ग्रहण करने वाले लोगों का।
कोलाहल विश्लेषण उस बाधा की जाँच करता है जो संदेश को मार्ग में विकृत करती है, न कि ग्रहण करने वाले श्रोता की।
चूँकि ग्राही ही श्रोता है, इसलिए उस बिंदु पर संदेशों का अध्ययन श्रोता का ही अध्ययन है।
श्रोता विश्लेषण संचारकों को अपने लक्ष्य तक प्रभावी ढंग से पहुँचने हेतु सामग्री गढ़ने में मार्गदर्शन देता है।
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