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श्रव्य-संगोष्ठी (audio-conferencing) को निम्नलिखित में से किस प्रकार के संचार में वर्गीकृत किया जा सकता है?

Aएकतरफ़ा शाब्दिक
Bदो-तरफ़ा शाब्दिक ✓ Correct
Cएकतरफ़ा अशाब्दिक
Dदो-तरफ़ा अशाब्दिक
Correct answer: (B) दो-तरफ़ा शाब्दिक
Explanation

श्रव्य-संगोष्ठी (audio-conferencing) को दो-तरफ़ा शाब्दिक संचार में वर्गीकृत किया जाता है, क्योंकि प्रतिभागी शब्दों के माध्यम से बोलते और उत्तर देते हैं।

सभी पक्ष श्रव्य-लिंक पर वापस बोल सकते हैं, जो आदान-प्रदान को अंतःक्रियात्मक और दो-तरफ़ा बनाता है।

यह एकतरफ़ा शाब्दिक नहीं है, क्योंकि श्रोता मौन प्राप्तकर्ता नहीं बल्कि सक्रिय वक्ता होते हैं।

यह एकतरफ़ा अशाब्दिक नहीं है, क्योंकि माध्यम केवल हाव-भाव के बजाय बोले गए शब्द वहन करता है।

यह दो-तरफ़ा अशाब्दिक नहीं है, क्योंकि दृश्यमान शारीरिक संकेतों के बजाय ध्वनि और वाणी माध्यम बनाते हैं।

दूरी पर आवाज़-आधारित पारस्परिक बातचीत श्रव्य-संगोष्ठी को दो-तरफ़ा शाब्दिक के रूप में परिभाषित करती है।

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