संप्रेषणात्मक शक्ति (communicative power) केवल किसके नेटवर्क में सार्थक होती है?
संप्रेषणात्मक शक्ति केवल सामाजिक संबंधों के नेटवर्क में सार्थक होती है, क्योंकि शक्ति लोगों के बीच के संबंधों में बसती है, किसी अकेले वक्ता में नहीं।
संदेशों द्वारा प्रभाव डालने की सामर्थ्य जुड़े हुए कर्ताओं के बीच स्थिति, निर्भरता तथा मान्यता से उत्पन्न होती है, अतः यह मूलतः संबंधपरक है।
नैतिक प्रतिरोध शक्ति के प्रति एक नैतिक प्रतिक्रिया है, वह क्षेत्र नहीं जिसमें संप्रेषणात्मक शक्ति स्वयं सार्थक होती है।
प्रतिबंधात्मक स्वतंत्रता स्वतंत्रता पर सीमाओं का विरोधाभासी वर्णन है और यह नहीं बताती कि संप्रेषणात्मक शक्ति कहाँ बसती है।
राजनीतिक श्रेष्ठता होड़ प्रतिद्वंद्विता की एक संकीर्ण युक्ति है, जो संप्रेषणात्मक शक्ति के सामान्य आधार होने के लिए अत्यंत विशिष्ट है।
हैबरमास तथा फूको जैसे विचारक संप्रेषणात्मक शक्ति को साझा विमर्श तथा सामाजिक संबंधों के नेटवर्क में स्थित करते हैं।
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