मूल्यांकनात्मक श्रवण (evaluative listening) तब सफल होता है जब हम
Aकिसी संदेश के उद्दीपकों को यथार्थ रूप से पृथक करते हैं
Bकिसी संदेश का अर्थ अनुमानित करते हैं
Cकिसी संदेश में केवल तथ्यों की यथार्थता का आलोचनात्मक आकलन करते हैं
Dउपर्युक्त में से कोई भी अकेले पर्याप्त नहीं ✓ Correct
Correct answer: (D) उपर्युक्त में से कोई भी अकेले पर्याप्त नहीं
Explanation
मूल्यांकनात्मक श्रवण (evaluative listening) तभी सफल होता है जब अनेक क्षमताएँ मिलती हैं, इसलिए कोई एक अकेली पर्याप्त नहीं।
इसमें उद्दीपकों को पृथक करना, अर्थ का अनुमान लगाना और संदेश का आलोचनात्मक निर्णय एक साथ अपेक्षित हैं।
किसी संदेश के उद्दीपकों को यथार्थ रूप से पृथक करना केवल प्रथम बोधात्मक चरण है, समूचा कार्य नहीं।
किसी संदेश का अर्थ अनुमानित करना समझ जोड़ता है किंतु फिर भी आलोचनात्मक निर्णय को छोड़ देता है।
केवल तथ्यों की यथार्थता का आकलन अत्यंत संकीर्ण है, जो अनुमान और तर्क को अनदेखा करता है।
मूल्यांकनात्मक श्रवण किसी संदेश का मूल्य आँकने हेतु साक्ष्य और तर्क को तौलता है।
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