नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए।
Statement I:सामाजिक विज्ञान शोध में मात्रात्मक अंतर्वस्तु विश्लेषण (quantitative content analysis) एक अत्यंत पारदर्शी शोध विधि है।
Statement II:मात्रात्मक अंतर्वस्तु विश्लेषण को प्रायः हस्तक्षेपकारी (obtrusive) विधि कहा जाता है।
Aकथन I और कथन II दोनों सही हैं
Bकथन I और कथन II दोनों गलत हैं
Cकथन I सही है परंतु कथन II गलत है ✓ Correct
Dकथन I गलत है परंतु कथन II सही है
Correct answer: (C) कथन I सही है परंतु कथन II गलत है
Explanation
मात्रात्मक अंतर्वस्तु विश्लेषण के संबंध में कथन 1 सही और कथन 2 गलत है।
अंतर्वस्तु विश्लेषण अत्यंत पारदर्शी है क्योंकि इसके कोडिंग नियम और प्रक्रियाएँ स्पष्ट रूप से प्रलेखित होती हैं।
कथन 2 इसे हस्तक्षेपकारी कहकर त्रुटि करता है, क्योंकि विद्यमान पाठों का विश्लेषण विषयों को अविचलित नहीं करता।
इसे उचित रूप से अहस्तक्षेपकारी विधि कहा जाता है जो पहले से निर्मित सामग्री का अध्ययन करती है।
पारदर्शिता अन्य शोधकर्ताओं को कोडिंग दोहराने और निष्कर्षों की जाँच करने देती है।
इसकी मुख्य सीमा विश्लेषित दस्तावेज़ों की गुणवत्ता पर निर्भरता है।
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