नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में सही उत्तर चुनिए।
Statement I:यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई जैसे शिक्षा के नियामक निकायों के उन्मूलन का विचार इस धारणा पर आधारित है कि ऐसे अनेक निकाय अनावश्यक हैं।
Statement II:भारतीय विधिज्ञ परिषद ने नियामक निकायों के उन्मूलन का विरोध किया है क्योंकि यह विधि पेशेवरों के शीर्ष नियामक निकाय के रूप में उसकी भूमिका को प्रभावित करेगा।
Aकथन I और कथन II दोनों सत्य हैं ✓ Correct
Bकथन I और कथन II दोनों असत्य हैं
Cकथन I सत्य है परंतु कथन II असत्य है
Dकथन I असत्य है परंतु कथन II सत्य है
Correct answer: (A) कथन I और कथन II दोनों सत्य हैं
Explanation
यूजीसी, एआईसीटीई और एनसीटीई जैसे अतिव्यापी नियामकों को मिलाना इस मत पर टिका है कि अनेक निकाय अनावश्यक हैं।
कथन 1 सही है, क्योंकि उन्मूलन का विचार मानता है कि ऐसे अनेक निकाय एक-दूसरे की पुनरावृत्ति करते हैं।
कथन 2 सही है, क्योंकि भारतीय विधिज्ञ परिषद ने विधि पेशेवरों पर अपनी शीर्ष भूमिका खोने का विरोध किया।
दोनों कथन एकल उच्च-शिक्षा नियामक पर छिड़ी बहस को सटीक रूप में पकड़ते हैं।
यह विचार भारतीय उच्च शिक्षा आयोग के प्रस्ताव के रूप में आकार ले चुका है।
भारतीय विधिज्ञ परिषद अपनी शक्ति 1961 के अधिवक्ता अधिनियम से पाती है।
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