संप्रेषण में, सूचना का व्यक्तिगत अर्थ प्रायः कैसा होता है?
सूचना का किसी व्यक्ति के लिए जो व्यक्तिगत अर्थ होता है वह प्रायः आत्मनिष्ठ होता है, जो उस व्यक्ति के अपने अनुभव, मनोदशा और संदर्भ-ढाँचे से रँगा रहता है।
अर्थ शब्दों में स्थिर नहीं होता बल्कि प्राप्तकर्ता के भीतर बनता है, इसलिए वही संदेश भिन्न लोगों पर भिन्न रूप से पड़ता है।
इसे समालोचनात्मक कहना हर निजी वाचन को मूल्यांकन या निर्णय का कार्य मान लेगा, जो व्यक्तिगत अर्थ के लिए आवश्यक नहीं।
इसे निष्क्रिय मानना यह भूल जाता है कि प्राप्तकर्ता केवल ग्रहण नहीं करता बल्कि सक्रिय रूप से व्याख्या जोड़ता है।
इसे वस्तुनिष्ठ कहना व्यक्ति से स्वतंत्र एक ही सत्य अर्थ का दावा करेगा, जो निजी वाचन के विपरीत है।
प्राप्तकर्ताओं में अर्थपरक भिन्नताएँ इसीलिए उठती हैं क्योंकि व्याख्या प्रत्येक के अपने संसार में जड़ी होती है।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →