जनसंचार में, श्रोता-समूह कैसा होता है?
Aपहचानने योग्य
Bअपेक्षाकृत छोटा
Cविषमरूप (heterogeneous) ✓ Correct
Dसमरूप (homogeneous)
Correct answer: (C) विषमरूप (heterogeneous)
Explanation
जनसंचार में श्रोता-समूह विषमरूप होता है, लोगों का एक विशाल और विविध पिंड जो आयु, क्षेत्र, वर्ग, रुचि और दृष्टिकोण में भिन्न होता है।
संदेश एक साथ अनेक असमान व्यक्तियों तक जाता है, अतः प्राप्तकर्ताओं को एक एकरूप समूह नहीं माना जा सकता।
श्रोता को पहचानने योग्य कहना गलत है, क्योंकि जन-श्रोता गुमनाम होता है और ज्ञात व्यक्तियों से बाँधा नहीं जा सकता।
इसे अपेक्षाकृत छोटा नामित करना जनसंचार के परिभाषक पैमाने को उलट देता है, जो विशाल संख्या तक पहुँचता है।
इसे समरूप मानना उसी विविधता को नकारता है जो अनेक भिन्नताओं में फैले किसी जन-समूह को अंकित करती है।
विशालता, गुमनामी और विषमरूपता मिलकर जनसंचार श्रोता की मानक परिभाषक विशेषताएँ हैं।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →