प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में, शिक्षार्थियों को किन क्षेत्रों के व्यवसायों में प्रशिक्षण दिया जाता था?
1.वास्तुकला (architecture)
2.पशुपालन (animal husbandry)
3.कृषि (agriculture)
4.प्रशासन (administration)
5.डेयरी खेती (dairy farming)
Aकेवल 1, 3 और 5
Bकेवल 2, 3 और 5
Cकेवल 1, 2, 3 और 5 ✓ Correct
Dकेवल 2, 3, 4 और 5
Correct answer: (C) केवल 1, 2, 3 और 5
Explanation
प्राचीन भारतीय शिक्षा में वास्तुकला, पशुपालन, कृषि और डेयरी खेती के व्यवसायों का प्रशिक्षण दिया जाता था।
कथन 1 वास्तुकला शिक्षार्थियों को संरचनाओं की रूपरेखा और निर्माण में सक्षम बनाती थी।
कथन 2 पशुपालन और कथन 3 कृषि ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मूल को दर्शाते थे।
कथन 5 डेयरी खेती इनके साथ सिखाया जाने वाला एक व्यावहारिक आजीविका कौशल था।
कथन 4 प्रशासन इस व्यावसायिक प्रशिक्षण समूह का भाग नहीं था।
ऐसा व्यावसायिक शिक्षण गुरुकुलों में शास्त्रों और उदार कलाओं के अध्ययन के साथ चलता था।
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