प्राचीन शिक्षा के निम्नलिखित रूप देखिए।
1.परा विद्या: सर्वोच्च या उच्चतम ज्ञान, आत्म-साक्षात्कार या परम आत्मा के ज्ञान हेतु।
2.अपरा विद्या: निम्नतर ज्ञान, चार वेदों, छह वेदांगों आदि का।
Aकेवल 1 सही है
Bकेवल 2 सही है
C1 और 2 दोनों सही हैं ✓ Correct
D1 और 2 दोनों गलत हैं
Correct answer: (C) 1 और 2 दोनों सही हैं
Explanation
कथन 1 सही है, परा विद्या सर्वोच्च या उच्चतर ज्ञान है, जो आत्म-साक्षात्कार या परम आत्मा के ज्ञान हेतु है।
कथन 2 सही है, अपरा विद्या निम्नतर ज्ञान है जिसमें चार वेद, छह वेदांग और ऐसे ही विषय आते हैं।
ज्ञान का यह द्विविध वर्गीकरण मुंडक उपनिषद में मिलता है।
परा विद्या मोक्ष की ओर ले जाती है जबकि अपरा विद्या सांसारिक और शास्त्रीय अधिगम को समेटती है।
प्राचीन शिक्षा-योजना में दोनों को आवश्यक चरण माना जाता था।
छह वेदांगों में शिक्षा, व्याकरण, छंद, निरुक्त, ज्योतिष और कल्प सम्मिलित हैं।
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