प्राकृत भाषाएँ संस्कृत से संबंधित हैं किंतु अनेक प्रकार से उससे भिन्न हैं। जब प्राकृत भाषाओं को साहित्यिक प्रयोग से औपचारिक किया गया, तो पारंपरिक वैदिक भाषा से उनकी विभिन्नताएँ किस नाम से जानी गईं?
Aअपभ्रंश ✓ Correct
Bपाली
Cफ़ारसी
Dहिंदी
Correct answer: (A) अपभ्रंश
Explanation
वैदिक भाषा से प्राकृत भाषाओं की साहित्यिक विभिन्नताएँ अपभ्रंश कहलाईं।
पाली थेरवाद बौद्ध ग्रंथों की भाषा थी, यह परवर्ती अवस्था नहीं।
फ़ारसी एक दरबारी भाषा थी जो बहुत बाद में इस्लामी शासन में आई।
हिंदी और अन्य आधुनिक भाषाएँ और भी बाद की अवस्था में अपभ्रंश से विकसित हुईं।
अपभ्रंश प्राकृतों और आधुनिक उत्तर भारतीय भाषाओं के बीच सेतु का कार्य करती है।
इस शब्द का शाब्दिक अर्थ मानक रूप से 'च्युत होना' या 'बिगड़ना' है।
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