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वह एशियाई विद्वान जिसने अरस्तू की भाँति संप्रेषण में लागू 'स्वर्णिम मध्यमार्ग' (Golden Mean) की नैतिक अवधारणा का समर्थन किया, कौन था?

Aआनंद कुमारस्वामी
Bपतंजलि
Cदाओ त्सु
Dकन्फ्यूशियस ✓ Correct
Correct answer: (D) कन्फ्यूशियस
Explanation

कन्फ्यूशियस, चीनी विचारक, ने आचरण तथा संप्रेषण में स्वर्णिम मध्यमार्ग के नैतिक विचार का समर्थन किया, ठीक वैसे ही जैसे यूनानी परंपरा में अरस्तू ने।

आनंद कुमारस्वामी भारतीय कला तथा दर्शन के विद्वान थे, स्वर्णिम मध्यमार्ग के प्रतिपादक नहीं।

पतंजलि योग सूत्र तथा योग प्रणाली से जुड़े हैं।

दाओ त्सु ताओवादी चिंतन से संबंधित हैं, स्वर्णिम मध्यमार्ग के सिद्धांत से नहीं।

स्वर्णिम मध्यमार्ग सद्गुण को अति तथा न्यूनता के छोरों के बीच संतुलित बिंदु के रूप में वर्णित करता है।

कन्फ्यूशियसी शिक्षा ने सामाजिक संबंधों में संयम, सामंजस्य तथा औचित्य पर बल दिया।

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