मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब शिक्षा मंत्रालय) द्वारा गठित वह समिति जिसने IIT की स्वायत्तता की अनुशंसा की, उसका नेतृत्व किसने किया?
IIT को अधिक स्वायत्तता देने की अनुशंसा करने वाली समिति का नेतृत्व प्रो. अनिल काकोडकर ने किया, जो परमाणु वैज्ञानिक और परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष थे।
प्रो. यशपाल ने उच्च शिक्षा के नवीकरण और पुनरुत्थान पर एक अलग समिति का नेतृत्व किया, न कि इस IIT स्वायत्तता-समीक्षा का।
सैम पित्रोदा ने राष्ट्रीय ज्ञान आयोग का नेतृत्व किया, जिसने व्यापक ज्ञान-क्षेत्र सुधार पर विचार किया।
किसी के न होने का दावा टिकता नहीं, क्योंकि एक निश्चित अध्यक्ष अभिलिखित हैं।
काकोडकर रिपोर्ट ने IIT से विस्तार करने, संकाय-संख्या बढ़ाने और सरकारी नियंत्रण घटाने का आग्रह किया।
इसने शोध और शिक्षण को सुदृढ़ करने हेतु पीएच.डी. उत्पादन में बड़ी वृद्धि की भी अनुशंसा की।
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