संचार के संव्यवहारात्मक (transactional) मॉडल की महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं
संव्यवहारात्मक (transactional) मॉडल की महत्वपूर्ण विशेषताएँ हैं कि यह अधिकतर अंतरवैयक्तिक संचार हेतु प्रयुक्त होता है, प्रेषक और प्राप्तकर्ता अपनी भूमिकाएँ आपस में बदल सकते हैं, और प्रतिपुष्टि एक साथ होती है।
कथन 2 उपयुक्त है क्योंकि यह मॉडल निकट, आमने-सामने व्यक्ति-से-व्यक्ति आदान-प्रदान को सर्वोत्तम पकड़ता है।
कथन 3 उपयुक्त है क्योंकि पक्ष संचारक के रूप में कार्य करते हैं जो प्रेषण और ग्रहण की भूमिकाएँ स्वतंत्रता से बदलते हैं।
कथन 4 उपयुक्त है क्योंकि अनुक्रिया संदेश के साथ ही उसी समय लौटती है, किसी अंतराल के बाद नहीं।
यह धारणा कि प्रतिपुष्टि मात्र पुनरावृत्तिशील है, मॉडल के निरंतर, वास्तविक-समय अनुक्रिया पर बल को चूक जाती है।
यह धारणा कि शोर की भारी मात्रा संदेश देती है, शोर (noise) को विकृत करती है, जो अर्थ ढोने के बजाय बाधित करता है।
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