स्वर-विज्ञान, कर्मकांड-ज्ञान, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष: ये छह मुख्य विषय-क्षेत्र कहलाते हैं
Aवेदांग ✓ Correct
Bदर्शन
Cपिटक
Dउपनिषद
Correct answer: (A) वेदांग
Explanation
स्वर-विज्ञान, कर्मकांड, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष: ये छह क्षेत्र मिलकर वेदांग बनाते हैं।
दर्शन छह दार्शनिक संप्रदाय हैं, ये सहायक अध्ययन नहीं।
पिटक बौद्ध शास्त्र की तीन टोकरियाँ हैं, जो वैदिक अंगों से असंबद्ध हैं।
उपनिषद वेदों का दार्शनिक अंत-भाग हैं, विषयों की सूची नहीं।
वेदांग वेदों को सही ढंग से समझने और प्रयोग करने के सहायक के रूप में पढ़े जाते थे।
इनके नाम हैं शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद और ज्योतिष।
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