चार्ल्स पीयर्स (Charles Peirce) द्वारा पहचाने गए संकेतों के तीन विभाजन हैं:
चार्ल्स पीयर्स (Charles Peirce) ने संकेतों को प्रतीकात्मक सादृश्य (iconic), सूचकांकीय (indexical) तथा सांकेतिक (symbolic) में विभाजित किया, अतः कथन 3, 4 तथा 5 सत्य हैं।
कथन 3, सादृश्य संकेत, जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है उससे मिलता है, जैसे चित्र या नक्शा अपने विषय से मिलता है।
कथन 4, सूचकांकीय संकेत, वास्तविक संबंध से अपने विषय की ओर संकेत करता है, जैसे धुआँ आग को या वातसूचक हवा को दर्शाता है।
कथन 5, सांकेतिक संकेत, अपने विषय से केवल परिपाटी तथा सहमति से जुड़ता है, जैसे शब्द तथा ध्वज।
कथन 1 का मॉड्यूलर पीयर्सीय श्रेणी नहीं है और किसी संकेत संबंध के प्रकार को नामित नहीं करता।
कथन 2 का निर्देशात्मक भी पीयर्स की संकेत प्रकारों की त्रयी में कोई स्थान नहीं रखता।
यह सादृश्य, सूचकांक, प्रतीक की त्रिविभाजन संकेत तथा उसके विषय के बीच संबंध के प्रकार पर टिकी है।
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