1882 से 1883 के शिक्षा आयोग (स्वतंत्रता-पूर्व) के महत्वपूर्ण प्रेक्षण क्या थे?
1.1854 के डिस्पैच को बदलने की आवश्यकता है।
2.भारतीय विश्वविद्यालयों की सामान्य कार्यप्रणाली को नए सिरे से गढ़ना आवश्यक है।
3.स्थानीय सरकारों द्वारा सामान्य शिक्षा की सुविधाओं का विस्तार करने की आवश्यकता है।
4.प्रत्येक महाविद्यालय को स्टाफ संख्या, अनुरक्षण व्यय और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार वित्त देना महत्वपूर्ण है।
5.महाविद्यालयों की अवसंरचना सुधारने हेतु विशेष अनुदान उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 3, 4 और 5 ✓ Correct
Dकेवल 1, 4 और 5
Correct answer: (C) केवल 3, 4 और 5
Explanation
इस आयोग ने स्थानीय सरकारों द्वारा सामान्य शिक्षा के विस्तार और आवश्यकता अनुसार महाविद्यालयों को वित्त देने पर बल दिया।
कथन 3 सही है, क्योंकि इसने स्थानीय सरकारों से सामान्य शिक्षा की सुविधाएँ फैलाने को कहा।
कथन 4 सही है, जो प्रत्येक महाविद्यालय का अनुदान स्टाफ, अनुरक्षण और स्थानीय आवश्यकताओं से जोड़ता है।
कथन 5 सही है, जो महाविद्यालयों की अवसंरचना सुधारने हेतु विशेष अनुदान चाहता है।
कथन 1 गलत है, क्योंकि आयोग ने 1854 के डिस्पैच को बदलने के बजाय उसकी पुष्टि की, और कथन 2 किसी बाद की जाँच से संबंधित है।
यह निकाय अपने अध्यक्ष के नाम पर हंटर आयोग के रूप में प्रसिद्ध है।
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