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जब संप्रेषक का स्वयं के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक परंतु दूसरों के प्रति नकारात्मक हो, तो संप्रेषक को क्या कहा जाता है?

Aआत्मविश्वासी
Bआत्मविश्वास तथा प्रामाणिकता की कमी वाला
Cआत्म दंभी (self-conceited) ✓ Correct
Dआत्मविश्वास तथा आशावाद के बिना संप्रेषण करने वाला
Correct answer: (C) आत्म दंभी (self-conceited)
Explanation

वह संप्रेषक जिसका स्वयं के प्रति दृष्टिकोण सकारात्मक पर दूसरों के प्रति नकारात्मक हो, आत्म दंभी (self-conceited) होता है, स्वयं को फुलाकर देखने वाला पर श्रोताओं की उपेक्षा करने वाला।

इस रुख में मैं ठीक हूँ, तुम नहीं वाला भाव रहता है, जो अहंकार तथा प्राप्तकर्ता से खराब तालमेल पैदा करता है।

आत्मविश्वासी होने के लिए स्वयं तथा दूसरों दोनों के प्रति सकारात्मक भाव चाहिए, अतः यह दूसरों के प्रति नकारात्मक दृष्टि से मेल नहीं खाता।

आत्मविश्वास तथा प्रामाणिकता की कमी स्वयं के प्रति नकारात्मक दृष्टि को बताती है, जो यहाँ के सकारात्मक स्व सम्मान के विपरीत है।

आत्मविश्वास तथा आशावाद के बिना संप्रेषण करना दोहरे नकारात्मक रुख को दर्शाता है, न कि ऊँचे स्व तथा नीचे पर के इस मिश्रण को।

संतुलित संप्रेषक दोनों पक्षों के प्रति सकारात्मक भाव रखते हैं, वह स्वस्थ मैं ठीक हूँ, तुम ठीक हो वाली स्थिति।

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