निम्नलिखित में से कौन-सा प्राचीन भारतीय विद्वान व्याकरण परंपरा का प्रवर्तक था?
Aईश्वर कृष्ण
Bभर्तृहरि ✓ Correct
Cगौतम
Dकणाद
Correct answer: (B) भर्तृहरि
Explanation
भर्तृहरि वह प्राचीन विद्वान थे जिन्होंने व्याकरण परंपरा को आगे बढ़ाया।
ईश्वर कृष्ण सांख्य दर्शन-संप्रदाय से जुड़े हैं।
गौतम न्याय तर्क-प्रणाली से संबद्ध हैं।
कणाद ने परमाणुवाद के वैशेषिक संप्रदाय की स्थापना की।
भर्तृहरि का वाक्यपदीय भाषा और व्याकरण के दर्शन का अन्वेषण करता है।
पाणिनि का अष्टाध्यायी संस्कृत व्याकरण का आधारभूत ग्रंथ बना हुआ है।
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