किसी भाषा को 'शास्त्रीय' घोषित करने के मूल दिशानिर्देश निम्नलिखित में से कौन हैं?
1.इसके आरंभिक ग्रंथों की उच्च प्राचीनता या 1500-2000 वर्षों का अभिलिखित इतिहास।
2.प्राचीन साहित्य का एक भंडार जिसे पीढ़ियाँ मूल्यवान विरासत मानती हैं।
3.साहित्यिक परंपरा मौलिक हो और किसी अन्य भाषा-समुदाय से उधार न ली गई हो।
4.शास्त्रीय भाषा और साहित्य आधुनिक से भिन्न, जिसमें शास्त्रीय भाषा और उसके बाद के रूपों के बीच विच्छेद संभव।
Aकेवल 1 और 2
B1, 2, 3 और 4 ✓ Correct
C1, 3 और 4
D1, 2 और 3
Correct answer: (B) 1, 2, 3 और 4
Explanation
चारों मानदंड मिलकर भारत में किसी 'शास्त्रीय' भाषा को परिभाषित करते हैं, जिनमें प्राचीनता, विरासत-साहित्य, मौलिकता और बाद के रूपों से भिन्नता शामिल हैं।
कथन 1 आरंभिक ग्रंथों की उच्च प्राचीनता या 1500 से 2000 वर्षों का अभिलिखित इतिहास माँगता है।
कथन 2 प्राचीन साहित्य का ऐसा भंडार माँगता है जिसे पीढ़ियाँ मूल्यवान विरासत मानती हैं।
कथन 3 साहित्यिक परंपरा का मौलिक होना और किसी अन्य भाषा-समुदाय से उधार न लिया जाना माँगता है।
कथन 4 शास्त्रीय रूप का आधुनिक से भिन्न होना माँगता है, जिसमें बाद के रूपों से विच्छेद संभव है।
ये दिशानिर्देश शास्त्रीय दर्जा देने से पूर्व सरकार द्वारा लागू किए जाते हैं।
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