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निम्नलिखित में से कौन-सी बौद्ध संप्रेषण संकल्पना की विशिष्ट विशेषताएँ हैं?

1.एकदिशीय
2.प्रक्रिया-केंद्रित
3.प्रतिस्पर्धात्मकता
4.अर्थ का सृजन
5.व्यवहार-केंद्रित
Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 4
Cकेवल 3, 4 और 5
Dकेवल 2, 4 और 5 ✓ Correct
Correct answer: (D) केवल 2, 4 और 5
Explanation

बौद्ध संप्रेषण संकल्पना के विशिष्ट लक्षण यह हैं कि यह प्रक्रिया-केंद्रित है, अर्थ का सृजन करती है और व्यवहार-केंद्रित है।

प्रक्रिया-केंद्रित होना, कथन 2, संप्रेषण को एक निरंतर प्रवाह मानता है, न कि एकल स्थिर कार्य।

अर्थ का सृजन, कथन 4, मानता है कि अर्थ प्रतिभागियों के बीच मिलकर बनता है, केवल प्रेषित नहीं होता।

व्यवहार-केंद्रित, कथन 5, संप्रेषण को दैनिक जीवन में सम्यक आचरण और नैतिक कर्म से जोड़ता है।

इसे एकदिशीय कहना, कथन 1, गलत है क्योंकि बौद्ध दृष्टि संवादात्मक और दोतरफा है, एकदिशीय नहीं।

प्रतिस्पर्धात्मकता, कथन 3, भी विफल है क्योंकि बौद्ध बल सामंजस्य और परस्पर बोध पर है, प्रतिद्वंद्विता पर नहीं।

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