निम्नलिखित में से किन्हें गैर-शाब्दिक (non-verbal) संचार के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है?
1.सुखद स्वर (pleasant voice)
2.मुद्राएँ (postures)
3.इशारे (gestures)
4.चेहरे के भाव (facial expressions)
5.ऊँची आवाज़ में अभिवादन (vociferous greetings)
Aकेवल 1, 2 और 3
Bकेवल 2, 3 और 5
Cकेवल 3, 4 और 5
Dकेवल 2, 3 और 4 ✓ Correct
Correct answer: (D) केवल 2, 3 और 4
Explanation
यहाँ गैर-शाब्दिक मदें मुद्राएँ, इशारे और चेहरे के भाव हैं।
कथन 2, मुद्राएँ (postures), शरीर की स्थिति है जो शब्दों के बिना अर्थ वहन करती है।
कथन 3, इशारे (gestures), हाथ और शरीर की गतियाँ हैं जो अर्थ संकेतित करती हैं।
कथन 4, चेहरे के भाव (facial expressions), मौन रूप से चेहरे के माध्यम से भाव व्यक्त करते हैं।
सुखद स्वर परा-भाषा (paralanguage) की एक वाचिक गुणता है, जो बोले गए शब्द से जुड़ी है, न कि यहाँ समूहित शुद्ध गैर-शाब्दिक शारीरिक संकेतों से।
ऊँची आवाज़ में अभिवादन ऊँचे बोले गए शब्द हैं और इसलिए शाब्दिक संचार से संबंधित हैं।
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