निम्नलिखित में से कौन सा/से सत्य है/हैं?
1.गौण पद में मध्य पद की उपस्थिति पक्षधर्मता कहलाती है।
2.व्याप्ति द्वारा सिद्ध रूप में पक्षधर्मता का ज्ञान उपमिति कहलाता है।
3.भारतीय तर्कशास्त्र निगमन को आगमन से पृथक नहीं करता है।
4.अनुमान में पक्षता विषय स्वरूप होती है।
Aकेवल 4
Bकेवल 1 और 2
Cकेवल 1 और 3
Dकेवल 2 ✓ Correct
Correct answer: (D) केवल 2
Explanation
एकमात्र कथन जो सत्य नहीं है वह यह है कि व्याप्ति द्वारा विशेषित पक्षधर्मता का ज्ञान उपमिति कहलाता है।
पक्ष में उपस्थित तथा व्याप्ति द्वारा विशेषित हेतु का ज्ञान परामर्श (paramarsha) कहलाता है, जो अनुमिति (anumiti) तक ले जाता है।
उपमिति इसके बजाय उपमान (comparison) से प्राप्त ज्ञान है, इसलिए कथन 2 का नामकरण गलत है।
गौण पद में मध्य पद की उपस्थिति सही रूप में पक्षधर्मता कहलाती है।
भारतीय तर्कशास्त्र निगमन को आगमन से पृथक नहीं करता, और पक्षता वस्तुतः अनुमान में विषय का स्वरूप है।
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