न्याय के अविनाभाव (invariable concomitance) के दृष्टिकोण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन से सत्य हैं?
1.यह आगमनात्मक तर्क प्रक्रिया से निर्धारित होता है जो मिल की अन्वय विधि तथा व्यतिरेक विधि से मेल खाती है
2.यह अन्वय पर आधारित है, कि जहाँ कार्य होता है वहाँ उसका उपादान कारण होता है
3.यह व्यतिरेक पर आधारित है, कि जहाँ उपादान कारण नहीं होता वहाँ कार्य नहीं होता
4.न्याय का आगमन दृष्टिकोण मिल की अन्वय तथा व्यतिरेक विधि से मेल नहीं खाता
AI, III और IV
BII, III और IV
CII और III
DI, II और III ✓ Correct
Correct answer: (D) I, II और III
Explanation
कथन 1, 2 तथा 3 न्याय के अविनाभाव (invariable concomitance) दृष्टिकोण का सही वर्णन करते हैं।
व्याप्ति एक आगमनात्मक प्रक्रिया से निर्धारित होती है जो मिल की अन्वय तथा व्यतिरेक विधियों जैसी है।
कथन 2 अन्वय देता है: जहाँ कार्य है वहाँ उसका उपादान कारण है।
कथन 3 व्यतिरेक देता है: जहाँ कारण अनुपस्थित है वहाँ कार्य अनुपस्थित है।
उपस्थिति तथा अनुपस्थिति में ये संयुक्त सहवर्तन सार्वभौमिक संबंध स्थापित करते हैं।
केवल यह दावा कि न्याय मिल की विधियों से मेल नहीं खाता असत्य है, जिससे कथन 1, 2 तथा 3 बचते हैं।
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