"डिंगल कवियों की वीर-गाथाएं, निर्गुणिया संतों की वाणियाँ, कृष्ण भक्त या रागानुगा भक्तिमार्ग के साधकों के पद, राम-भक्त या वैधी भक्तिमार्ग के उपासकों की कविताएँ, सूफी साधना से पुष्ट मुसलमान कवियों के तथा ऐतिहासिक हिन्दू कवियों के रोमांस और रीति-काव्य, ये छहों धाराएँ अपभ्रंश कविता का स्वाभाविक विकास हैं।" यह कथन किसका है?
Aरामचन्द्र शुक्ल
Bहजारीप्रसाद द्विवेदी
Cरामविलास शर्मा
Dराहुल सांकृत्यायन
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