भारतीय काव्यशास्त्र के विभिन्न सम्प्रदायों के संदर्भ में सही कथन कौन सा/से है/हैं?
1.आचार्य कुन्तक ने रीति रचना के तीन मार्ग माने हैं - सुकुमार, विचित्र और मध्यम।
2.आचार्य शंकुक ने निष्पत्ति का अर्थ उत्पाद्य-उत्पादक सम्बन्ध और संयोग का अर्थ 'अनुभाव्य-अनुभापक सम्बन्ध' माना।
3.भट्टनायक ने निष्पत्ति का अर्थ 'भुक्ति' और संयोग का अर्थ 'भोज्य-भोजक' सम्बन्ध माना।
4.ध्वनि के तीन भेद माने गए हैं - वस्तु ध्वनि, अलंकार ध्वनि, रस ध्वनि।
5.आनन्दवर्धन ने 6 प्रकार के औचित्यों - रस, अलंकार, गुण, दोष, संघटन एवं प्रबन्धन की चर्चा की है।
Aकेवल 2, 3 तथा 4
Bकेवल 1, 3 तथा 4
Cकेवल 1, 5 तथा 4
Dकेवल 1, 2 तथा 3
🔒 Answer hidden — practise on Mcqkart to check yourself and see the explanation.
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →