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उद्दीपकों तथा उनके प्रति अनुक्रियाओं का लगभग एक साथ घटित होना कहलाता है

Aसामान्यीकरण और विभेदन (generalisation and discrimination)
Bसन्निधि (contiguity) ✓ Correct
Cपुनर्बलन (reinforcement)
Dविलोपन (extinction)
Correct answer: (B) सन्निधि (contiguity)
Explanation

उद्दीपकों और उनके प्रति अनुक्रियाओं का लगभग एक साथ घटित होना सन्निधि है, जहाँ समय में निकटता ही साहचर्य बनाती है।

एडविन गुथरी ने अपने एक-प्रयास अधिगम सिद्धांत को सन्निधि पर आधारित किया, यह मानते हुए कि अनुक्रिया के साथ जुड़ा उद्दीपक पुनः उसी अनुक्रिया से अनुसरित होता है।

सामान्यीकरण और विभेदन समान उद्दीपकों को एक-सा या भिन्न उद्दीपकों को अलग-अलग अनुक्रिया देने का वर्णन करते हैं, न कि उनके समय का।

पुनर्बलन एक परिणाम है जो अनुक्रिया को सुदृढ़ करता है, यह कालिक जोड़ी न होकर एक परिणाम है।

विलोपन सीखी गई अनुक्रिया का क्षीण होना है जब पुनर्बलन या जुड़ा उद्दीपक हटा लिया जाता है।

सन्निधि सिद्धांत को किसी पुरस्कार की आवश्यकता नहीं होती, जो गुथरी को थॉर्नडाइक और स्किनर के पुनर्बलन-आधारित मतों से अलग करता है।

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