विकास के निम्नलिखित मनोगत्यात्मक क्षेत्रों को सरलतर स्तर से अधिक जटिल स्तर की ओर व्यवस्थित करें: नीचे दिए गए विकल्पों में से सही विकल्प चुनें:
1.बोध/अवबोधन
2.विन्यास (सेट)
3.निर्देशित अनुक्रिया
4.तन्त्र
5.जटिल प्रकट अनुक्रिया
A1, 2, 3, 4, 5 ✓ Correct
B1, 3, 4, 5, 2
C1, 2, 4, 5, 3
D2, 4, 1, 3, 5
Correct answer: (A) 1, 2, 3, 4, 5
Explanation
सरल से जटिल की ओर मनोगत्यात्मक स्तरों का क्रम है प्रत्यक्षण, विन्यास, निर्देशित अनुक्रिया, तन्त्र और जटिल प्रकट अनुक्रिया।
प्रत्यक्षण अर्थात इंद्रियों से गत्यात्मक क्रिया का मार्गदर्शन सबसे सरल आरंभिक स्तर है।
विन्यास (set) क्रिया हेतु मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक तत्परता है।
निर्देशित अनुक्रिया मार्गदर्शन में अनुकरण और प्रयास द्वारा आरंभिक अभ्यास है।
तन्त्र सीखी हुई क्रिया का अभ्यस्त और आत्मविश्वासपूर्ण निष्पादन है, इसके बाद जटिल प्रकट अनुक्रिया अर्थात कुशल और स्वचालित निष्पादन आता है।
यह सिम्पसन की 1972 की मनोगत्यात्मक क्षेत्र की वर्गिकी है, जिसके उच्चतर स्तर अनुकूलन और उद्भावन हैं।
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