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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: (1) यह सिद्धांत अमूर्त संबंधों को पढ़ाने हेतु प्रयुक्त होता है। (2) यह सिद्धांत विद्यार्थियों को महत्त्वपूर्ण और बड़ी सूचना को अधिक समय तक धारण करने में सहायता करता है। (3) इस सिद्धांत को डेविड ऑसुबेल (David Ausubel) ने दिया। सिद्धांत की पहचान कीजिए।

Aनिपुणता अधिगम का सिद्धांत
Bग्रहणशील अधिगम (receptive learning) का सिद्धांत ✓ Correct
Cसामाजिक अधिगम का सिद्धांत
Dअन्वेषण अधिगम का सिद्धांत
Correct answer: (B) ग्रहणशील अधिगम (receptive learning) का सिद्धांत
Explanation

अर्थपूर्ण ग्रहणशील अधिगम का सिद्धांत, जो डेविड ऑसुबेल ने दिया, अमूर्त संबंध पढ़ाता है और बड़ी सूचना को अधिक समय तक धारण करने में सहायता करता है।

ऑसुबेल ने तर्क दिया कि नई सामग्री तब सर्वोत्तम सीखी जाती है जब वह संज्ञानात्मक संरचना के प्रासंगिक विद्यमान विचारों से जुड़े।

उनका अग्रिम व्यवस्थापक पाठ से पूर्व एक व्यापक ढाँचा प्रस्तुत करता है जो नई सामग्री को थामता और जोड़ता है।

निपुणता अधिगम निपुणता तक की गति से संबंधित है, अमूर्त संबंधों के धारण से नहीं।

सामाजिक अधिगम प्रेक्षण से अर्जित व्यवहार समझाता है, अर्थपूर्ण शाब्दिक ग्रहण नहीं।

अन्वेषण अधिगम में अधिगमकर्ता ज्ञान स्वयं खोजता है, जो ऑसुबेल के निर्देशित ग्रहण के विपरीत है।

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