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निम्नलिखित में से किसके दौरान समायोजन की प्रक्रिया का उद्देश्य व्यक्ति के जीवन में संतुलन की अवस्था (state of equilibrium) लाना सबसे विशिष्ट होता है?

Aसंवेगात्मक परिवर्तन
Bसंज्ञानात्मक विकास (cognitive development) ✓ Correct
Cसामाजिक परिवर्तन
Dशारीरिक परिवर्तन
Correct answer: (B) संज्ञानात्मक विकास (cognitive development)
Explanation

व्यक्ति को संतुलन की अवस्था में लाने के उद्देश्य वाला समायोजन संज्ञानात्मक विकास के लिए सर्वाधिक विशिष्ट है, जहाँ पियाजे संतुलनीकरण (equilibration) को केंद्रीय बनाते हैं।

पियाजे ने संज्ञानात्मक वृद्धि को आत्मसातीकरण और समायोजन द्वारा संतुलन की खोज से समझाया, जिसे समविन्यास कहा जाता है।

संतुलनीकरण वह स्व-नियमनकारी प्रेरणा है जो नई सूचना से विद्यमान संरचनाओं के विचलित होने पर संतुलन बहाल करती है।

इससे संज्ञानात्मक विकास वह प्रक्रिया बनता है जो संतुलन की खोज से सर्वाधिक परिभाषित होती है।

संवेगात्मक और सामाजिक परिवर्तनों में समायोजन होता है पर वे पियाजे की समविन्यास-अवधारणा पर केंद्रित नहीं हैं।

शारीरिक परिवर्तन परिपक्वन-जनित हैं और संज्ञानात्मक संतुलनीकरण से परिभाषित नहीं होते।

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