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'शिक्षा मनुष्य में पहले से विद्यमान पूर्णता की अभिव्यक्ति है' यह कथन किसका है?

Aरवींद्रनाथ टैगोर
Bएम.के. गांधी
Cश्री अरबिंदो
Dस्वामी विवेकानंद ✓ Correct
Correct answer: (D) स्वामी विवेकानंद
Explanation

यह कथन कि शिक्षा मनुष्य में पहले से विद्यमान पूर्णता की अभिव्यक्ति है, स्वामी विवेकानंद का है।

रवींद्रनाथ टैगोर (A) ने शांतिनिकेतन की स्थापना की और प्रकृति के साथ सामंजस्य में अधिगम पर बल दिया।

एम.के. गांधी (B) ने बुनियादी शिक्षा, नई तालीम, प्रस्तावित की जो शिल्प और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित थी।

श्री अरबिंदो (C) ने शरीर, मन और आत्मा हेतु समग्र शिक्षा (integral education) विकसित की।

विवेकानंद ने शिक्षा को शिक्षार्थी में पहले से विद्यमान पूर्णता को उभारना माना।

उन्होंने शिक्षा को जीवन और चरित्र गढ़ने वाले श्रेष्ठ विचारों का आत्मसातीकरण भी कहा।

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