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मूल्यांकनात्मक श्रवण (evaluative listening) मूलतः किसके बारे में है?

Aश्रोता को दिए गए विचार को स्वीकारना या अस्वीकारना ✓ Correct
Bवक्ता की भावनाओं को अनुभव करना
Cबिना निर्णय के जो भी संभव हो सब सुनना
Dसंदेश की पूर्णतः उपेक्षा करना
Correct answer: (A) श्रोता को दिए गए विचार को स्वीकारना या अस्वीकारना
Explanation

मूल्यांकनात्मक श्रवण मूलतः श्रोता को दिए गए विचार को तौलकर उसे स्वीकारने या अस्वीकारने के बारे में है।

श्रोता उत्तर देने से पहले संदेश के तर्क, प्रमाण और महत्त्व को सक्रिय रूप से आँकता है।

वक्ता की भावनाओं को अनुभव करना सहानुभूतिपूर्ण श्रवण को दर्शाता है, जो ऐसा निर्णय नहीं करता।

बिना निर्णय के जो भी संभव हो सब सुनना बोधात्मक या निष्क्रिय श्रवण है, जो मूल्यांकन का विपरीत है।

संदेश की पूर्णतः उपेक्षा करना बिल्कुल न सुनना है, मूल्यांकन की कोई विधा नहीं।

मूल्यांकनात्मक श्रवण को समालोचनात्मक श्रवण भी कहते हैं, क्योंकि यह दावों को तर्क व प्रमाण की कसौटी पर जाँचता है।

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