नीचे 'सही' संयोजनों को ज्ञात करें।
सही संयोजन ये हैं कि द्वितीय भाषा का अधिगम कम समय और प्रयास लेता है, यह मिथक है, तथा सभी द्विभाषी दोनों भाषाओं का सरलता से अनुरक्षण करते हैं, यह भी मिथक है।
द्वितीय भाषा अधिगम वस्तुतः निरंतर समय और प्रयास माँगता है, अतः इसे शीघ्र बताना मिथक है।
यह मानना कि सभी द्विभाषी दोनों भाषाएँ सरलता से बनाए रखते हैं, भी मिथक है, क्योंकि उपयोग न होने पर एक भाषा प्रायः क्षीण होती है।
शीघ्र-अधिगम के दावे को सत्य कहना गलत है, क्योंकि यह वास्तविक प्रयास को गलत दर्शाता है।
सरल-अनुरक्षण के दावे को सत्य कहना गलत है, क्योंकि भाषा-क्षरण सामान्य बात है।
कमिंस ने रोजमर्रा की संवादी प्रवाहिता को गहन शैक्षणिक भाषा-दक्षता से अलग किया, जिसे बनने में वर्षों लगते हैं।
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