नीचे दो कथन दिए गए हैं, एक अभिकथन (A) और एक कारण (R)। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें:
अभिकथन A सत्य है: आत्म-अवधारणा इस बात से प्रभावित होती है कि व्यक्ति यह कैसे मानते हैं कि दूसरे उन्हें किस नज़र से देखते हैं।
कारण R भी सत्य है: आत्म-अवधारणा समय के साथ बदल सकती है, क्योंकि व्यक्तियों को नए अनुभव प्राप्त होते हैं।
परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं है, क्योंकि यह आत्म-अवधारणा की परिवर्तनशीलता बताता है, न कि यह कि दूसरों की धारणा उसे क्यों गढ़ती है।
A का प्रभाव कूली के दर्पण-आत्म (looking-glass self) को दर्शाता है, जिसमें हम स्वयं को दूसरों की नज़र से देखते हैं।
R का परिवर्तन आत्म-अवधारणा के विकासात्मक, अनुभव-चालित स्वरूप को दर्शाता है।
आत्म-अवधारणा व्यक्ति द्वारा अपने बारे में रखी संगठित मान्यताओं का समुच्चय है।
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