नीचे दो कथन दिए गए हैं। उपर्युक्त कथनों के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सर्वाधिक उपयुक्त उत्तर चुनिए।
Statement I:किशोर अत्यधिक आत्म-जागरूक होते हैं और उनकी पहचान की स्पष्ट समझ होती है।
Statement II:किशोरों में संबंध देखने और बढ़ती जटिलता तथा कठिनाई की समस्याओं को हल करने की क्षमता विकसित होती है।
Aकथन I और कथन II दोनों सही हैं
Bकथन I और कथन II दोनों गलत हैं
Cकथन I सही है परंतु कथन II गलत है
Dकथन I गलत है परंतु कथन II सही है ✓ Correct
Correct answer: (D) कथन I गलत है परंतु कथन II सही है
Explanation
कथन 1 गलत है, क्योंकि किशोर आत्म-जागरूक तो होते हैं पर प्रायः स्पष्ट पहचान के बजाय अनिश्चितता का सामना करते हैं।
कथन 2 सही है, क्योंकि किशोरों में संबंध देखने और बढ़ती जटिलता की समस्याएँ हल करने की क्षमता विकसित होती है।
एरिक्सन (Erikson) के अनुसार किशोरावस्था में स्थिर पहचान नहीं, बल्कि पहचान-संकट होता है।
यह पहचान की खोज एरिक्सन की पहचान बनाम भूमिका-भ्रम (identity versus role confusion) अवस्था है।
समस्या-समाधान की यह वृद्धि पियाजे (Piaget) की औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था दर्शाती है, जो अमूर्त और परिकल्पनात्मक तर्क से युक्त है।
औपचारिक संक्रियात्मक चिंतन लगभग ग्यारह वर्ष की आयु में उभरता और किशोरावस्था में परिपक्व होता है।
Want more like this? Create a free account to practise a full test, track your progress, and get spaced-repetition review.
Practise on Mcqkart →🎓 Book an expert →